हमारी जापान की यात्रा अत्यंत सुखद और सफल रही| इसके पश्च्चात हम अपनी मातृभूमि में परिवार और मित्रगण के समक्ष कुछ समय व्यतीत करने आगमन कर चुके हैं|
यदि मैं गत २ सप्ताहों का विश्लेषण करूं तो मुझे ये कहने में आई आपत्ति नहीं की इस यात्रा का ऐसा कोई भाग नहीं जिसमे मैं परिवर्तन की आवश्यकता देखता हूँ| जापान का क्षेत्रफल निसंदेह छोटा है परंतु ये अत्यंत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से संपन्न है| हम अपने १० दिन के कार्यक्रम में केवल ६-७ स्थलों से ही परिचय कर सके| परंतु, जापान एक ऐसा देश है जो आप पे एक भारी छाप छोड़ेगा और आप तत्पर पुनः आगमन की इच्छा अपने मन में बसाके यहाँ से प्रस्थान करेंगे| इसलिए दुखी ना हो!
जापान एक आधुनिक और विकसित देश है| वर्ष २०१० तक ये विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी. द्वितीय विश्व युद्ध पश्चात, जापान अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य, अन्य देशो को ऋण देने में और सांस्कृतिक लेन देन में व्यस्त रहा है| इसके साथ साथ ही जापान एक सजातीय समाज भी है| यहाँ बिताया हुआ आपका हर एक क्षण आपको अचम्बा कर देगा.
अति व्यस्त जीवन होते हुए भी आपको यहाँ अनुशासन और एक दुसरे के प्रति आदर की अनुभूति होगी|
यहाँ अनुभव की गयी हर एक सुविधा एक मूल्य पे प्राप्त होती है| जब जब जापान का उल्लेख होता है तो यहाँ के जीवन यापन की लागत का उल्लेख अवश्य होता है| ये निर्भर करता है आप कहा से आ रहे है| यदि आप यू.ऐस.ऐ या जर्मनी जैसे किसी और विकसित देश से आ रहे है तो आपको इतना अंतर नहीं दिखेगा| एक आरामदायक और सुखद यात्रा के लिए आवश्यक है की आप अपने यात्रा की योजना कुशलता से करें और इसमें ‘बजट’ एक अत्यावश्यक तत्त्व है|